सरकार ने किसानों को सस्ती बिजली और ब्याजमुक्त कर्ज देने का किया ऐलान


मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर विधानसभा में बतौर वित्तमंत्री पहली बार बजट पेश किया। इस बार 1,42,343.78 करोड़ का बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट को लेकर 300 से अधिक सुझाव मिले। इनमें 620 सुझाव विधायकों ने दिए। सभी वर्गों से बात कर बजट तैयार किया गया है। इसमें जनमानस के स्वप्न पूरा करने का प्रयास किया है। बजट पेश करने पर गर्व महसूस हो रहा है। सीएम ने कहा कि निवेशक हरियाणा में आने के लिए उत्सुक हैं।

उन्होंने कालीदास महाकाव्यम के रघुवंशम का श्लोक पढ़ा। स्वामी दयानंद के मूल्यों को बजट में समावेश करने का दावा किया और कवि अयोध्या सिंह की कविता भी पढ़ी। किसानों को व्यवसायिक गतिविधियों में बिजली उपयोग करने पर प्रति यूनिट 2.75 रुपए की राहत दी है। किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण सुविधा का दायरा बढ़ाया है। अब किसान 3 शर्तों को पूरा करते हैं, तो राष्ट्रीयकृत से भी ब्याजमुक्त कर्ज ले सकते हैं।
सरकार ने 132 योजनाओं का 46 योजनाओं में विलय किया। 18 योजनाओं को खत्म किया और 6 योजनाओं को अन्य विभागों में समावेश किया। सीएम बजट के लिए सूटकेस नहीं, बल्कि टैब लेकर विधानसभा पहुंचे। पहली बार सभी के सभी 90 विधायक को भी टैब दिए गए हैं, वे भी बजट को टैब पर ही देख रहे हैं। सरकार ने यह कदम पेपरलैस विधानसभा की ओर बढ़ाया गया कदम है।


किसान, कृषि, पशुपालन और डेयरी

इस बार 6481.48 करोड़ का बजट रखा गया है, जो पिछली बार से 23.92 प्रतिशत ज्यादा है। किसान कल्याण प्राधिकरण मोबाइल ऐप बनाएगा। इसमें एक किसान दूसरे किसानों के कृषि उपकरण (ट्रैक्टर, रोटावेटर, कंबाइल, हारवेस्टर) का उपयोग कर सके। अब ब्याजमुक्त कर्ज की सुविधा सहकारी बैंक के साथ-साथ राष्ट्रीयकृत बैंक से भी मिलेगी। यह प्रति एकड़ 60 हजार रुपए और अधिकतम 3 लाख रुपए होगी। इस सुविधा के लिए तीन शर्तों को पूरा करना होगा।
किसानों को बिजली बिल में राहत। व्यवसायिक गतिविधियाें पर अभी 7.50 रुपये प्रति यूनिट देने पड़े थे। अब 4.75 रुपये यूनिट देने पड़ेंगे। इसके लिए एक अलग से कैटेगरी बनाई जाएगी। राज्य के भंडारण निगम, हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सभी गोदामों में चोरी रोकने के लिए सीसीटीवी लगाएं जाएंगे।

सभी बड़ी मंडियों में क्रॉप डायर लगाए जाएंगे, ताकि किसानों को फसलों का पूरा भाव बिना किसी कट के मिले। फसल अवशेषों के स्थल पर पराली खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 54 मंडियो में E-NAM से जोड़ा। ताकि समर्थन मूल्य पर किसानों को फसल बेचने में आसानी हो।

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