युवाओं को तेजी से लग रही है Online Instant Loan लेने की लत, डिजिटल कर्ज बन सकता है युवाओं के लिए खतरनाक


युवाओं के दम पर भारत में पिछले दो साल से कर्ज की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन भविष्य में ये कर्ज लोन देने वाले संस्थानों के लिए चिंता का सबब बन सकते हैं. एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि लोन लेने वाले युवाओं में से ज्यादातर लोग जोखिम भरे असुरक्षित कर्ज ले रहे हैं.
देश की आबादी में युवाओं का हिस्सा 34 फीसदी है. देश के कुल खर्च में इनकी बड़ी हिस्सेदारी है. मिलेनियल्स में ऐसे लोग आते हैं, जिनका जन्म साल 1980 के बाद हुआ हो. क्रेडिट ब्यूरो ट्रांसयूनियन-सिबिल ने एक रिपोर्ट में कहा कि नए कर्ज लेने वाले मिलेनियल्स की संख्या में 58 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि गैर मिलेनियल श्रेणी में महज 14 फीसदी की वृद्धि रही.
अपने लाइफ स्टाइल, वाहन खरीदने और परिवार के लिए आकस्मिक खर्च के तौर पर युवा कर्ज ले रहे हैं. अपने कर्ज में बढ़ोतरी के लिए लोन देने वाले संस्थान काफी हद तक खुदरा लोन पर निर्भर हैं. खुदरा लोन की गुणवत्ता कॉरपोरेट सेगमेंट से बेहतर है, जो पहले से ही बही-खातों पर बोझ होने के कारण निवेश बढ़ाने से हिचक रहे हैं.
कर्ज लेने की बढ़ती इच्छा के बाद भी युवा अपने क्रेडिट रिपोर्ट को लेकर काफी सजग हैं. साल 2016-18 के बीच क्रेडिट रिपोर्ट को लेकर सजग रहने वाले युवाओं की संख्या 58% थी, जबकि गैर युवा ग्राहक की संख्या सिर्फ 14% थी. सिबिल के अध्ययन के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और उपभोक्ता सामान के लिए कर्ज में मिलेनियल्स की 72 फीसदी हिस्सेदारी है.
डिजीटाईजेशन के इस दौर में अब बैंक या कर्ज देने वाले संस्थान इंस्टैंट लोन ऑफर कर रहे हैं. पहली बार लोन लेने वाले युवाओं का अगर क्रेडिट स्कोर सही है तो उन्हें कुछ मिनट में ही लोन मिल जाता है. टेक फ्रेंडली होने की वजह से युवा इस सुविधा का भी खूब फायदा उठा रहे हैं. इसके साथ ही अब वित्तीय संस्थान भी इन युवाओं को ध्यान में रखकर ही लोन उत्पाद पेश कर रहे हैं.

Post a Comment

0 Comments