पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते समय न करें ये 5 गलतियां


आदिल शेट्टी
पर्सनल लोन अकसर नकद पैसे की जरूरत पड़ने पर बहुत काम आता है जिससे यह मार्केट में सबसे ज्यादा मांग वाली फाइनैंसिंग सुविधाओं में से एक बन गया है। एक स्टेबल इनकम और एक अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले एक इच्छुक उधारकर्ता को ऑनलाइन ऐप्लिकेशन के माध्यम से कुछ ही दिन में आसानी से पर्सनल लोन मिल सकता है लेकिन क्रेडिट की चाह में कई ऐप्लिकेंट अकसर अपनी बेताबी के कारण कुछ महत्वपूर्ण बातों को नजरअंदाज कर देते हैं जिनकी वजह से या तो उनका लोन ऐप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाता है या आगे चलकर उन्हें यह गलती बहुत महंगी पड़ती है। इसलिए यदि आप एक पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो लोन लेने की प्रक्रिया को शुरू से अंत तक आसान बनाने के लिए आपको कुछ आम गलतियों से बचने की कोशिश करनी चाहिए जिनके बारे में हम आगे बताने जा रहे हैं।

उस समय लोन लेना जब आपको असल में उसकी जरूरत ही न हो

हमारे फोन और हमारे ईमेल इनबॉक्स में लगातार पर्सनल लोन का ऑफर आते रहने के कारण हममें से कुछ लोग बिना कुछ सोचे-समझे लोन के लिए अप्लाई करने की गलती कर बैठते हैं, ख़ासतौर पर तब जब लोन की जरूरत भी नहीं होती है। इसके परिणामस्वरूप हम बेकार में एक लोन के लिए अप्लाई कर देते हैं जिसका इंटरेस्ट रेट 10% से 24% प्रति वर्ष के आसपास होता है और साथ में कुछ अन्य चार्ज भी लगते हैं। समय पर लोन न चुका पाने पर आपको कुछ एक्स्ट्रा इंटरेस्ट और लेट पेमेंट चार्ज देना पड़ सकता है और इससे आपका क्रेडिट स्कोर भी बर्बाद हो सकता है। इसलिए हमेशा एक पर्सनल लोन के लिए सिर्फ तभी अप्लाई करें जब सच में उसकी जरूरत हो और जब आप फाइनैंसिंग सुविधा लिए बिना जरूरी रकम का इंतजाम करने की स्थिति में न हो।

जरूरत से ज्यादा बड़ा लोन लेना

हममें से कई लोग बड़े आकार के पर्सनल लोन के लिए एलिजिबल या योग्य होते हैं लेकिन बड़े लोन के लिए एलिजिबल होने का मतलब यह नहीं है कि आपको पूरा का पूरा लोन ले लेना चाहिए। इसका सीधा-सा मतलब है, बड़ा लोन लेने पर ज्यादा रीपेमेंट करना पड़ेगा जिससे लोन पीरियड के दौरान आपके फाइनैंस पर एक्स्ट्रा बोझ पड़ेगा। इसलिए बड़ी बारीकी के साथ इस बात का मूल्यांकन करें कि आपको असल में कितना लोन चाहिए और बस उतने ही लोन के लिए अप्लाई करें। एक पैसा भी ज्यादा नहीं।

लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर चेक न करना

750 से अधिक क्रेडिट स्कोर किसी भी तरह के लोन के लिए अप्लाई करते समय काफी सहायक साबित होता है। यह स्कोर ज्यादा रहने से सिर्फ आपका ऐप्लिकेशन बिना किसी परेशानी के अप्रूव ही नहीं हो जाता है बल्कि आपको बेहतर रीपेमेंट शर्तों पर लोन मिलने की भी सम्भावना रहती है जैसे प्रेफरेंशियल इंटरेस्ट रेट्स, ऐडेड टेन्योर फ्लेक्सिबिलिटी और यहां तक प्रोसेसिंग फीस जैसे चार्ज भी माफ़ हो जाते हैं। इसलिए लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर चेक करना न भूलें। यदि आपका स्कोर कम है तो लोन के लिए अप्लाई करने से पहले अपने सभी मौजूदा ड्यू जैसे क्रेडिट कार्ड पेमेंट या कार लोन EMI को क्लियर करके अपने स्कोर को बेहतर बनाने की कोशिश करें।

अपनी रीपेमेंट कपैसिटी को नजरअंदाज करना

कई लोग फाइनैंशल इमर्जेंसी के दौरान पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते समय, बारीकी के साथ इस बात का मूल्यांकन नहीं करते हैं कि वे बिना किसी परेशानी के उस लोन को चुका पाएंगे या नहीं। वे उससे जुड़े इंटरेस्ट चार्ज पर भी उतना ध्यान नहीं देते हैं जिससे उन्हें आगे चलकर लोन चुकाने में तकलीफ होती है जिससे वे कर्ज के जाल में फंसते चले जाते हैं। इसलिए लोन लेने से पहले अच्छी तरह मालूम कर लें कि असल में कितनी EMI देनी पड़ेगी और आप समय पर उतना EMI दे पाएंगे या नहीं, वह भी अन्य महत्वपूर्ण फाइनैंशल कमिटमेंट्स को डिस्टर्ब किए बिना।

अप्लाई करने से पहले लोन की शर्तों को न पढ़ना

अपने लोन प्रॉडक्ट के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए और उसके रीपेमेंट में किसी परेशानी से बचने के लिए, लोन के लिए अप्लाई करने से पहले लोन की शर्तों को पढ़ना जरूरी है। एक पर्सनल लोन पर अलग से कुछ चार्ज लग सकते हैं जैसे प्री-क्लोजर फीस, लेंडर स्वैप चार्ज, प्रोसेसिंग फीस, चेक बाउंस पेनल्टी, लेट पेमेंट चार्ज, टेन्योर एक्सटेंशन चार्ज, वगैरह-वगैरह। इसी तरह इस बात पर भी विचार करना जरूरी है कि वेतनभोगी और गैर-वेतनभोगी या स्वरोजगार करने वाले ऐप्लिकेंट के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। गैर-वेतनभोगी और स्वरोजगार करने वाले ऐप्लिकेंट के ऐप्लिकेशन को अप्रूव करने के लिए उनसे सामान्य KYC दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट के अलावा कुछ एक्स्ट्रा दस्तावेज जैसे बिज़नस ओनरशिप दस्तावेज और टैक्स रिटर्न जमा करने के लिए कहा जाता है।

(इसके लेखक BankBazaar.com के CEO हैं )

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