भारतीय स्टेट बैंक ने ग्राहकों के लिए किए ये 6 बड़े बदलाव, जानिए- आप पर पड़ेगा क्या असर


देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने बीते करीब एक महीने में ग्राहकों के लिए सेवाओं में कई बड़े बदलाव किए हैं। मिनिमम बैलेंस मेंटेन न होने पर लगने वाले चार्ज को खत्म करने से लेकर लोन के ब्याज दर में कटौती तक कई अहम फैसले लिए गए हैं, जो ग्राहकों पर सीधा असर डालते हैं। आइए जानते हैं, स्टेट बैंक ने उठाए हैं क्या कदम…

फिक्स्ड डिपॉजिट रेट्स: 

भारतीय स्टेट बैंक की ओर से सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दर में कटौती ककर दी गई है। रिटेल एफडी (2 करोड़ रुपये से कम की) के ब्याज पर एसबीआई ने एक बार फिर कटौती कर दी है। एक साल से लेकर 5 साल तक की अवधि के लिए एफडी के ब्याज को बैंक ने 6 फीसदी की बजाय 5.9 पर्सेंट कर दिया है।

होम, कार और पसर्नल लोन हुए सस्ते: 

एक तरफ एसबीआई ने जमा पूंजी पर ब्याज कम किया है तो दूसरी तरफ लोन में राहत भी दी है। इस वित्तीय वर्ष में ब्याज दरों में 10वीं कटौती करते हुए ब्याज दर में 10 से 15 बेसिस पॉइंट्स तक की कटौती कर दी है। 10 मार्च से बैंक की एमसीएलआर 7.85 पर्सेंट की बजाय 7.75 फीसदी हो गई है।

SBI के लॉकर चार्ज बढ़े: 

एसबीआई ने बैंक लॉकर के चार्ज बढ़ा दिए हैं। 31 मार्च से ग्राहकों को बैंक लॉकर के इस्तेमाल पर अधिक पैसे देने होंगे। यह इजाफा 500 से 3,000 रुपये तक का हुआ है। उदाहरण के तौर पर यदि आप किसी मेट्रो सिटी में एसबीआई के लॉकर का इस्तेमाल करते हैं तो अब आपको 1,500 रुपये की बजाय 2,000 रुपये का रेंट देना होगा। सभी ब्रांचों में इस चार्ज में 33 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।

मिनिमम बैलेंस में कमी पर अब चार्ज नहीं: 

देश के सबसे बड़े बैंक ने मिनिमम बैलेंस न होने पर वसूले जाने वाले चार्ज को समाप्त कर दिया है। यह फैसला देश की सभी शाखाओं में खुले सभी बचत खातों पर लागू होगा। माना जा रहा है कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंक की ओर से यह फैसला लिया गया है।

अब मुफ्त मिलेगा SMS: 

कैश की निकासी समेत तमाम ट्रांजेक्शन के मेसेज भेजने के लिए अब तक एसबीआई की ओर से चार्ज की वसूली की जाती थी, लेकिन अब इस शुल्क को भी वापस लेने का फैसला लिया गया है।

सेविंग अकाउंट की ब्याज दर: 

एसबीआई ने बैंक में खुले सभी बचत खातों में जमा राशि पर ब्याज दर को 3 पर्सेंट कर दिया है। अब तक सेविंग्स अकाउंट पर 3.25 फीसदी का सालाना ब्याज मिलता था।
जमा राशि, एसेट्स, ग्राहकों और शाखाओं के लिहाज से भारतीय स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा बैंक है। 31 दिसंबर, 2019 तक के आंकड़ों के मुताबिक एसबीआई में 31 लाख करोड़ रुपये की राशि जमा हुई थी।

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