Yes Bank पर मंडरा रहा संकट अभी टला नही है?


गिरीश मालवीय 
यस बैंक के रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत भारतीय स्टेट बैंक  ने प्रस्ताव दिया है कि वो LIC के साथ मिलकर 55.56 फीसदी हिस्सेदारी रखेगी. इस 55.56 फीसदी हिस्सेदारी में से SBI 45.74 फीसदी रखेगा और LIC की 9.81 फीसदी की​ हिस्सेदारी होगी. इसके अलावा, HDFC Bank और ICICI Bank भी 6.31 फीसदी प्रत्येक और Axis Bank और कोटक महिंद्रा बैंक भी 3.15 फीसदी प्रत्येक की हिस्सेदारी खरीदेंगे.
यस बैंक में LIC की 8.06 फीसदी की हिस्सेदारी है. इसके साथ अब इस प्रस्ताव के बाद यस बैंक में LIC की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 17.87 फीसदी हो जाएगी.
SBI कुल 7,250 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इसके अलावा, LIC 1,350 करोड़ रुपये, HDFC बैंक और ICICI बैंक 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी 500-500 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी.
यानी ध्यान से देखिए तो प्राइवेट प्लेयर्स सिर्फ 3000 करोड़ ही लगा रहे हैं और एसबीआई के साथ अब LIC को भी उलझा दिया गया है यह दोनों मिलकर 8 हजार 6 सौ करोड़ रुपए लगा रहे है , प्राइवेट ओर सरकारी बैंक मिलकर कुल 11 हजार 6 सौ करोड़ लगा रहे हैं जबकि यस बैंक की जरूरत कम से कम 20 हजार करोड़ रुपये की है इसके अलावा यस बैंक ने अक्टूबर-दिसम्बर के तिमाही नतीजे भी घोषित नही किये है...........अभी संकट टला नही है

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